भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजिंदर सिंह राणा, बरसर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल एवं हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को दूसरी बार सांसद रत्न सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी दीर्घकालिक संसदीय प्रतिबद्धता, प्रभावी नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर दृष्टिकोण का परिणाम है। नेताओं ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने सदैव संसद में तथ्यों और नीति आधारित चर्चा को प्राथमिकता दी, जिससे उन्हें एक गंभीर एवं प्रभावशाली सांसद के रूप में पहचान मिली।
प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजिंदर सिंह राणा ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने अपने सार्वजनिक जीवन में युवाओं, नवाचार, डिजिटल इंडिया, खेल संस्कृति और पारदर्शी प्रशासन जैसे विषयों को लगातार आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए अनुराग ठाकुर ने देशभर में खेल अवसंरचना को मजबूती देने, फिट इंडिया अभियान को जनआंदोलन बनाने तथा युवाओं को नए अवसर उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभाई। राणा ने कहा कि उनकी कार्यशैली सदैव परिणाम आधारित रही है, जिसके कारण उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है।
बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में विकास की नई सोच को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने, खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। लखनपाल ने कहा कि अनुराग ठाकुर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा लोगों से सीधा संवाद बनाए रखा और हर वर्ग की अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया।
हमीरपुर सदर विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि लगातार पांचवीं बार सांसद चुना जाना स्वयं में जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रीय राजनीति में हिमाचल प्रदेश की सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई और संसद में प्रदेश से जुड़े अनेक विषयों को प्रभावी ढंग से उठाया। आशीष शर्मा ने कहा कि दूसरी बार सांसद रत्न सम्मान प्राप्त करना उनकी निरंतर सक्रियता, अनुशासित संसदीय आचरण और जनहित के प्रति समर्पित सोच की स्वाभाविक पहचान है।
संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा कि अनुराग ठाकुर का यह सम्मान प्रदेश के युवाओं और जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का विषय है तथा इससे हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक और संसदीय प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिली है।