प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि आज वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मान समारोह में कहा कि आज हम सभी ऐसे महान युगपुरुष को नमन करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष, ज्ञान और संकल्प से भारत का भविष्य बदल दिया—भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर।
राजेंद्र राणा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक नाम नहीं हैं, बल्कि वे समानता, न्याय और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देने वाले एक महान विचार हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो व्यक्ति इतिहास बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जन्म एक साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ था। बचपन में उन्होंने गरीबी, अभाव और सामाजिक भेदभाव का सामना किया, लेकिन इन चुनौतियों को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़े। उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और सीमित संसाधनों के बावजूद देश-विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और विधिवेत्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
राजेंद्र राणा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का सबसे बड़ा योगदान भारत का संविधान है। संविधान निर्माता के रूप में उन्होंने देश को ऐसा मजबूत आधार दिया, जो हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति केवल जन्म के आधार पर पीछे न रह जाए और समाज के गरीब, दलित एवं वंचित वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय के जीवन का मार्गदर्शन है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम उनके विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारें। हमें एक ऐसा समाज बनाना होगा, जहां भेदभाव न हो, सभी को समान अवसर मिले और भाईचारा एवं समरसता बनी रहे।
अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर संकल्प लें कि हम डॉ. अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलकर एक सशक्त, समतामूलक और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।