AI समिट के हुड़दंगियों का बचाव शर्मनाक: कमलेश कुमारी

देश की छवि धूमिल करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई, जवाबदेही तय करे प्रदेश सरकार

AI समिट के हुड़दंगियों का बचाव शर्मनाक: कमलेश कुमारी
भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री एवं भोरंज की पूर्व विधायक कमलेश कुमारी ने दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय AI समिट के दौरान हुए हुड़दंग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि जहां नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंचों पर ‘AI समिट’ जैसे आयोजनों से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, वहीं हिमाचल के कुछ अराजक तत्वों द्वारा दिल्ली में की गई शर्मनाक हरकतों ने देश और प्रदेश की छवि को आघात पहुंचाया है। कमलेश कुमारी ने प्रश्न उठाया कि यदि प्रदर्शनकारी स्वयं को निर्दोष मानते हैं, तो वे जांच से क्यों बच रहे हैं? उन्होंने कहा, “यदि वे बेगुनाह हैं तो सामने आकर जांच का सामना करें। छिपना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं गंभीर दोष है।” पूर्व विधायक ने इस पूरे प्रकरण के लिए हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और कांग्रेस नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस को जांच में पूर्ण सहयोग करना चाहिए था, किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि खाकी का उपयोग अपराधियों को बचाने के लिए ढाल के रूप में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान उपद्रवियों का मनोबल बढ़ाने वाले हैं। एक संवैधानिक पद पर रहते हुए कानून तोड़ने वालों का परोक्ष या अपरोक्ष समर्थन करना शपथ की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती, तो ऐसे तत्वों के विरुद्ध अब तक सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा चुकी होती। भाजपा न अराजकता को सहन करती है और न ही अपराधियों को संरक्षण देती है। कमलेश कुमारी ने कहा कि इस घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और विशेषकर हिमाचल की छवि को जो क्षति पहुंची है, उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार पर है। उन्होंने मांग की कि संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, दिल्ली पुलिस की जांच में बाधा डालने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा प्रदेश सरकार स्पष्ट करे कि वह देवभूमि की संस्कृति और मर्यादा के साथ है या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के साथ। उन्होंने दो टूक कहा कि “देवभूमि की मर्यादा को तार-तार करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी और कांग्रेस सरकार को इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी होगी।”