हिमाचल सरकार के ₹65 करोड़ के लंबित बकाये से AIIMS बिलासपुर समेत अन्य अस्पताल प्रभावित: अनुराग

मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ रोक रही प्रदेश सरकार, वित्तीय कुप्रबंधन का बोझ हिमाचलियों पर

हिमाचल सरकार के ₹65 करोड़ के लंबित बकाये से AIIMS बिलासपुर समेत अन्य अस्पताल प्रभावित: अनुराग
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से AIIMS बिलासपुर की गवर्निंग बॉडी एवं इंस्टीट्यूशनल बॉडी की बैठकों में भाग लिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत किए जाने वाले लंबित भुगतानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। लगभग 65 करोड़ रुपये के बकाये के कारण AIIMS बिलासपुर पर वित्तीय दबाव पड़ रहा है, जिससे संस्थान के सुचारु संचालन पर भी असर पड़ रहा है। अनुराग सिंह ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा पात्र राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और केंद्र की ओर से हिमाचल स्वास्थ्य विभाग को उसके पूरे फंड उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इन निधियों को आगे वितरित नहीं कर रही है। इसके परिणामस्वरूप अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के भुगतान लंबित हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े बकायों का भुगतान न करना केवल किसी संस्थान का प्रशासनिक या वित्तीय विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना इस उद्देश्य से शुरू की थी कि कोई भी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति पैसे के अभाव में उपचार से वंचित न रहे। लेकिन प्रदेश सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधाओं के कारण हिमाचल के लोगों को केंद्र की इस कल्याणकारी योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसाधन उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद प्रदेश सरकार की वित्तीय अव्यवस्था मरीजों, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण न केवल AIIMS बिलासपुर बल्कि अन्य स्वास्थ्य संस्थान भी लंबित भुगतानों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन ने आम हिमाचली की कमर तोड़ने का काम किया है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भुगतान लंबित रखना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान भारत के तहत लंबित लगभग 65 करोड़ रुपये के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए, योजनाओं के तहत मरीजों को निर्बाध उपचार उपलब्ध करवाया जाए तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों के भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि AIIMS बिलासपुर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों को भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला प्रमुख संस्थान है। राज्य सरकार की देनदारियों का समय पर भुगतान न होने के कारण इसकी वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।