शूलिनी यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी (FASB) ने 10 और 11 सितंबर को "टमाटर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और कमर्शियल केचप प्रोडक्शन" पर दो दिन की प्रैक्टिकल वर्कशॉप आयोजित की। इस प्रोग्राम में सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs), कम्युनिटी लेवल फेडरेशन्स (CLFs) के लगभग 40 सदस्यों और महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
सोलन और कंडाघाट के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) के सहयोग से आयोजित इस वर्कशॉप में टमाटर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन में प्रैक्टिकल स्किल्स विकसित करने पर ध्यान दिया गया। साथ ही, इस क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम, SHG-आधारित बिजनेस और टिकाऊ आजीविका के अवसरों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को टमाटर प्रोसेसिंग, प्यूरी और पेस्ट बनाने, वैल्यू-एडेड टमाटर प्रोडक्ट्स, कमर्शियल केचप और सॉस बनाने, पैकेजिंग और प्रिजर्वेशन तकनीक, क्वालिटी कंट्रोल, FSSAI की ज़रूरतों, लागत और उद्यमिता के बारे में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। प्रैक्टिकल सेशन का मकसद प्रतिभागियों को यह समझाना था कि कैसे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध टमाटर की उपज को बाजार में बिकने वाले प्रोडक्ट्स में बदला जा सकता है और छोटे स्तर के बिजनेस में विकसित किया जा सकता है।
यह प्रोग्राम FASB के डीन प्रो. दिनेश कुमार, FASB के स्कूल ऑफ़ बायोइंजीनियरिंग के हेड प्रो. पंकज चौहान और MS स्वामीनाथन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर के एसोसिएट डीन व परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश शर्मा के मार्गदर्शन और सहयोग से आयोजित किया गया।
FASB के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनाक्षी गौतम और डॉ. विनय चंदेल इस प्रोग्राम में सक्रिय रूप से शामिल थे। डॉ. रवि कांत, डॉ. नितिका ठाकुर, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी सुमन शर्मा, पूजा वर्मा, विंटा और वैभव (PhD स्कॉलर्स) के साथ-साथ नरेंद्र सर और उनकी टीम ने भी वर्कशॉप को सफल बनाने में योगदान दिया।
वर्कशॉप में प्रतिभागियों को कच्चे टमाटर को संभालने से लेकर तैयार प्रोडक्ट्स को बनाने, सुरक्षित रखने, पैकेजिंग और कमर्शियलाइज़ेशन तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सेशन में सफल फूड-प्रोसेसिंग उद्यम स्थापित करने के लिए क्वालिटी स्टैंडर्ड्स, फूड सेफ्टी नियमों का पालन और सही लागत गणना के महत्व पर भी जोर दिया गया।
इस पहल का मकसद महिलाओं और SHG सदस्यों में उद्यमिता कौशल को मजबूत करना और उन्हें आय और टिकाऊ आजीविका के स्रोत के रूप में टमाटर-आधारित वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करना था। आयोजन सचिव डॉ. नितिका ठाकुर ने वर्कशॉप को सफल बनाने में बहुमूल्य योगदान और सहयोग के लिए गणमान्य व्यक्तियों, रिसोर्स पर्सन्स, BDO अधिकारियों, सहयोगी स्टाफ, नरेंद्र सर और उनकी टीम तथा सभी प्रतिभागियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
वर्कशॉप का समापन इस बात पर ज़ोर देते हुए हुआ कि फ़ूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन में स्थानीय स्तर पर रोज़गार पैदा करने, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मज़बूत करने और क्षेत्र में टिकाऊ आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की क्षमता है।