नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने हेतु प्रभावी कदम उठाकर नशे की समस्या को खत्म करने के लिए बनाई गई राष्ट्रीय कार्य योजना यानि नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कई जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को यहां होटल हमीर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, उद्योग और नशा उन्मूलन अभियान से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के वॉलंटियरों ने भी भाग लिया।
कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा कि नशे को रोकना केवल सरकार, पुलिस और प्रशासन की ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की जिम्मेदारी है। क्योंकि, यह एक ऐसी गंभीर समस्या है जोकि कभी भी हमारे घर में दस्तक दे सकती है। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और इसकी डिमांड को खत्म करने के लिए जिला हमीरपुर में भी सभी एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन जिला को पूरी तरह नशामुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक का सक्रिय योगदान बहुत जरूरी है। अब इस समस्या को सुनियोजित, सामूहिक एवं साइंटिफिक ढंग से निपटने की आवश्यकता है। कार्यशाला के आयोजन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सराहना करते हुए अभिषेक गर्ग ने कहा कि इसमें नशे की समस्या एवं इसके निवारण के सभी पहलुओं पर बहुत ही बारीकी के साथ चर्चा की गई है। सभी प्रतिभागी इसका अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि नशा विरोधी मुहिम के उत्साहजनक परिणाम सामने आ सकें।
कार्यशाला के मुख्य वक्ताओं विजय कुमार और पंकज पंडित ने विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को नशे की समस्या के मूल कारणों, इससे बचाव एवं उपचार के उपायों तथा इनके स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, अपराध एवं कानून व्यवस्था और अन्य सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक समग्र एवं दीर्घकालीन योजना के साथ कार्य करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के सक्रिय योगदान की आवश्यकता है।
इससे पहले, जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने मुख्य अतिथि, सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा जिला में नशा मुक्त भारत अभियान एवं एनएपीडीडीआर के तहत आयोजित की जा रही विभिन्न जागरुकता गतिविधियों की जानकारी दी।