पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार को नई दिल्ली के डीएवी स्कूल, यूसेफ सराय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल समुदाय के सदस्यों से संवाद करते हुए युवाओं से स्वतंत्रता संग्राम की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि युवा स्वदेशी को अपनाएं, खादी को बढ़ावा दें और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। स्वदेशी केवल आर्थिक नीति नहीं, बल्कि देश के प्रति आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना है। स्वदेशी को अपनाने से देश के किसान, कारीगर, उद्यमी और उद्योग मजबूत होते हैं।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बननी चाहिए। अनुशासन, मेहनत, नवाचार और राष्ट्र सेवा के माध्यम से युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अनुराग सिंह ठाकुर ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और पीढ़ियों से यह देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् और राष्ट्रगान भारत के राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता संघर्ष की दो समान रूप से सम्मानित अभिव्यक्तियां हैं।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत का सम्मान करना उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इस गीत से प्रेरणा लेकर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष से प्रेरणा लेने तथा विकसित, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।