NEP 2020 की सफलता के बाद उच्च शिक्षा में बदलाव का अगला चरण VBSA विधेयक: अनुराग सिंह ठाकुर

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक से उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार और संस्थागत समन्वय को मिलेगा बढ़ावा

NEP 2020 की सफलता के बाद उच्च शिक्षा में बदलाव का अगला चरण VBSA विधेयक: अनुराग सिंह ठाकुर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि इस नीति ने देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समावेशी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव किए हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने के अवसर मिले हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स जैसी पहल ने उच्च शिक्षा में लचीलेपन को बढ़ावा दिया है। वहीं, व्यावसायिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समावेश से विद्यार्थियों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिली है। इन सुधारों के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 (VBSA) देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और रक्षा, वित्त, अंतरिक्ष तथा प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि अनुसंधान, नवाचार और उद्योगों की उभरती जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहन मिल सके तथा संस्थागत संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ किए जा रहे व्यापक विचार-विमर्श से एक समन्वित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करने में सहायता मिलेगी। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा और क्षमताओं को सशक्त बनाते हुए भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के संकल्प को गति देना है।