संगीत साधना जीवनभर की यात्रा है, रियाज ही कलाकार की सबसे बड़ी ताकत: डॉ. सुरेश शर्मा

एनएससीबीएम हमीरपुर में एचपीयू अंतर-महाविद्यालय युवा उत्सव ग्रुप-II (संगीत) के दूसरे दिन प्रतिभाओं ने बिखेरे सुर

संगीत साधना जीवनभर की यात्रा है, रियाज ही कलाकार की सबसे बड़ी ताकत: डॉ. सुरेश शर्मा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय (एनएससीबीएम), हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय एचपीयू अंतर-महाविद्यालय युवा उत्सव ग्रुप-II (संगीत) के दूसरे दिन विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। संगीत की मधुर धुनों, सुरों और युवा प्रतिभाओं की शानदार प्रस्तुतियों से महाविद्यालय परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश शर्मा रहे। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस संगीत उत्सव में विद्यार्थियों, संगीत साधकों और गुरुजनों के बीच आने का अवसर मिला। उन्होंने महाविद्यालय की प्राचार्या, स्टाफ, संगीत शिक्षकों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि जीवनभर की साधना और तपस्या है। युवा उत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सीखने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संगीत की यात्रा किसी मंजिल तक पहुंचने का नहीं, बल्कि निरंतर सीखने और आनंद लेने का सफर है। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अभ्यास का महत्व बताते हुए कहा कि रियाज ही संगीत साधक का सबसे बड़ा आधार है। नियमित अभ्यास और समर्पण से ही कलाकार की प्रतिभा निखरती है। उन्होंने विद्यार्थियों से संगीत को जीवन का हिस्सा बनाने और अपनी कला के माध्यम से संस्कृति के संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता सिंह ने बताया कि युवा उत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है तथा प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल और टीमों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोजन सचिव डॉ. पूनम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच दिवसीय एचपीयू अंतर-महाविद्यालय युवा उत्सव ग्रुप-II (संगीत) के दौरान प्रतिदिन विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को शास्त्रीय गायन (एकल), शास्त्रीय वाद्य संगीत (एकल) — ताल वाद्य एवं गैर-ताल वाद्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 14 अक्टूबर को हल्का भारतीय गायन (एकल) एवं लोक गीत प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 15 अक्टूबर को पाश्चात्य गायन (एकल) एवं पाश्चात्य वाद्य संगीत (एकल), 16 अक्टूबर को भारतीय समूह गीत एवं पाश्चात्य समूह गीत तथा 17 अक्टूबर को लोक ऑर्केस्ट्रा प्रतियोगिता के साथ पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस सांस्कृतिक महाकुंभ में प्रदेशभर के लगभग 42 महाविद्यालयों के करीब 500 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन आयोजित हल्का भारतीय गायन (एकल) एवं लोक गीत प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि पांच दिवसीय एचपीयू अंतर-महाविद्यालय युवा उत्सव ग्रुप-II (संगीत) का शुभारंभ 13 अक्टूबर को इंजिनियर सुनील शर्मा ‘बिट्टू’, राजनीतिक सलाहकार माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश की उपस्थिति में हुआ था। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, आयोजन समिति के सदस्य, निर्णायक मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। पांच दिवसीय यह संगीत महोत्सव 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा l