रायसीना मिडिल ईस्ट 2026 में अनुराग सिंह ठाकुर ने वैश्विक विकास में भारत के युवा सामर्थ्य और कौशल की भूमिका को रेखांकित किया

अबू धाबी में वैश्विक नेताओं के बीच भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी और सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय आवागमन व्यवस्था की पैरवी की

रायसीना मिडिल ईस्ट 2026 में अनुराग सिंह ठाकुर ने वैश्विक विकास में भारत के युवा सामर्थ्य और कौशल की भूमिका को रेखांकित किया
पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने अबू धाबी में आयोजित रायसीना मिडिल ईस्ट 2026 के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर जनसांख्यिकी, मानव संसाधन और वैश्विक प्रतिभा आवागमन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। पीपल, प्लेसेज एंड परसेप्शंस विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी वैश्विक विकास, सतत आर्थिक प्रगति और सीमापार नवाचार की महत्वपूर्ण शक्ति बन सकती है, बशर्ते उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और अवसरों से जोड़ा जाए। इस सत्र में UAE के विदेश मंत्रालय में उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मामलों की सलाहकार नौफ अली अल हमेली, VFS में वैश्विक परिचालन के मुख्य परिचालन अधिकारी श्रीनारायण शंकरन तथा एक्सपो सिटी दुबई की कार्यकारी निदेशक नादिया वर्जी ने भाग लिया। सत्र का संचालन Re:Set की संस्थापक एवं CEO आकांक्षा तांगरी ने किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केवल बड़ी आबादी होना किसी देश के लिए अपने आप में लाभ नहीं है। जनसांख्यिकीय क्षमता को राष्ट्रीय शक्ति में बदलने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और व्यापक क्षमता निर्माण पर निरंतर निवेश आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्किल इंडिया मिशन और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 वर्ष से कम आयु के लगभग 70 करोड़ भारतीयों की क्षमता भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के गहरे रणनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने मानव संसाधन और प्रतिभा के अंतरराष्ट्रीय आवागमन को दीर्घकालिक आर्थिक विकास की रणनीति के रूप में देखने के UAE के दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि UAE में लगभग 40 लाख भारतीयों का समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का काम करता है। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के अंतर्गत द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंचने के साथ स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन, UPI के एकीकरण और रणनीतिक निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। अनुराग सिंह ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा और श्रमबल के आवागमन के लिए स्पष्ट नियमों, आपसी विश्वास और समझौतों पर आधारित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक प्रतिभा साझेदार और निवेश एवं रोजगार के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिकीकरण और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विकास से भारत की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से मानव संसाधन को केवल प्रशासनिक चुनौती के रूप में देखने के बजाय साझा समृद्धि, नवाचार और दीर्घकालिक सहयोग के रणनीतिक अवसर के रूप में अपनाने का आह्वान किया।