महिला उद्यमियों को सिखाए फंडिंग एंड नेटवर्किंग के गुर
महिला उद्यमियों को सिखाए फंडिंग एंड नेटवर्किंग के गुर
जिला उद्योग केंद्र ने डीआरडीए के हॉल में आयोजित की कार्यशाला
ऋण एवं सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित
उत्पादों की डिजिटल मार्केटिंग के बारे में भी दी विस्तृत जानकारी
महिला उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से वित्त पोषण और उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग की प्रक्रियाओं से अवगत करवाने के लिए जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) ने शुक्रवार को यहां डीआरडीए के हॉल में उद्योग विभाग के रैम्प (रेजिंग एंड एक्सलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) प्रोजेक्ट के तहत फंडिंग एंड नेटवर्किंग मीट आयोजित की।
डीआईसी के महाप्रबंधक ठाकुर भगत नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में महिला उद्यमियों को फंडिंग एंड नेटवर्किंग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ठाकुर भगत नेगी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं, विपणन अवसरों एवं व्यवसाय विकास से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाना है। यह कार्यक्रम रैम्प परियोजना के सोशल इन्क्लूजन घटक के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों की वित्तीय पहुंच को सुदृढ़ करना, उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़ना तथा सतत आजीविका एवं बाजार संपर्क के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि बैंकों की विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपने उद्यम स्थापित कर सकती हैं। सरकार भी उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी प्रदान करती है। अपना उद्यम स्थापित करने की इच्छुक महिलाओं को इन ऋण एवं सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
इस अवसर पर जिला अग्रणी प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल, पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सचिन कुमार, इसी बैंक के मार्केटिंग अधिकारी मनीष कुमार, पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के निदेशक अजय कुमार कतना, डीआईसी के आर्थिक अन्वेषक प्रवेश कुमार, विस्तार अधिकारी मनदीप, विकास खंड हमीरपुर की एलवीडीसी वंदना कुमारी, मुख्यमंत्री स्टार्टअप कार्यक्रम की सफल महिला उद्यमी अनीता कुमारी ने प्रतिभागी महिला उद्यमियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं तथा अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने बैंकिंग सेवाओं, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, सरकारी सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा सुविधाओं, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल एवं ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) जैसे विपणन प्लेटफॉर्म की जानकारी देकर महिलाओं को अपने उत्पादों एवं सेवाओं के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के अवसरों से अवगत करवाया। विभिन्न कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने तथा विभिन्न संस्थानों से नेटवर्किंग स्थापित करने का अवसर मिला।