बजट 2026-27 विकसित भारत का बूस्टर डोज: अनुराग सिंह ठाकुर

भारत Dead नहीं, विश्व की Dominating इकॉनमी: अनुराग सिंह ठाकुर

बजट 2026-27 विकसित भारत का बूस्टर डोज: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज वडोदरा के आईसीएआई भवन में केंद्रीय बजट 2026-27 पर बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों के साथ संवाद करते हुए बजट के प्रावधानों, प्राथमिकताओं और दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने वडोदरा के एक प्राथमिक विद्यालय में छात्रों, स्थानीय सांसद हेमांग जोशी तथा अन्य गणमान्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के #ParikshaPeCharcha कार्यक्रम को सुना और विद्यार्थियों से संवाद भी किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि 2014 से अब तक मोदी सरकार की बजट दृष्टि समावेशी रही है, जिसमें किचन से लेकर कारखाने तक और गांव से लेकर शहर तक समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को स्थान दिया गया है। उनके अनुसार यह बजट युवा-शक्ति संचालित बजट है, क्योंकि देश की 140 करोड़ आबादी में 65 प्रतिशत युवा हैं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की पूर्ति इन्हीं युवाओं की नेतृत्वकारी भूमिका से संभव होगी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये था। यह बजट मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देने वाला है तथा MSMEs, लघु और कुटीर उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त करेगा। उन्होंने शैक्षणिक और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में देश में अटल टिंकरिंग लैब, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, एम्स, एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, जो भारत के ज्ञान-आधारित विकास का प्रमाण है। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए ठाकुर ने कहा कि बजट का 9.37 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए आवंटित किया गया है, जिसमें पांच लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.36 प्रतिशत अधिक है। लखपति दीदी योजना को शी-मार्ट से जोड़ना ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय का संयुक्त बजट 4,35,779 करोड़ रुपये है, जिसमें कृषि का हिस्सा 1.32 लाख करोड़ रुपये है तथा किसानों की लागत घटाने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी प्रस्तावित की गई है। खेल क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया मिशन के विस्तार से जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और खेल विज्ञान व प्रौद्योगिकी का एकीकरण होगा। साथ ही बजट में एवीजीसी क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर 2030 तक दो मिलियन पेशेवरों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुंबई में भारतीय क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थान तथा 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी लैब स्थापित करने का प्रस्ताव सराहनीय है। इससे गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में दस लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह बजट देश की विकास यात्रा को और गति देगा। एनडीए सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी झलक इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, तनाव घटाने और अनुशासन व मनोयोग विकसित करने में अत्यंत प्रभावी है तथा वडोदरा के विद्यालय में छात्रों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेना प्रेरणादायक अनुभव रहा।