पत्रकार हित, एकता और संगठन की मजबूती — रोहित शर्मा

पत्रकार हित, एकता और संगठन की मजबूती — रोहित शर्मा
पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं है, यह समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। एक पत्रकार हर दिन सच्चाई के साथ खड़ा रहता है, चाहे हालात जैसे भी हों। कभी दबाव होता है, कभी डर, और कई बार अकेले ही लड़ाई लड़नी पड़ती है। ऐसे में अगर पत्रकार संगठित न हों, तो उनकी आवाज कमजोर पड़ जाती है। आज के समय में पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की है। ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकार अक्सर जोखिम में रहते हैं। खबर लिखते समय न कोई सुरक्षा कवच होता है और न ही कोई तुरंत साथ देने वाला। यही वजह है कि पत्रकार हित की बात केवल शब्दों में नहीं, बल्कि संगठित प्रयासों से करनी होगी। इंडियन रिपोर्टर्स एसोसिएशन इसी सोच के साथ काम कर रहा है। यह संगठन केवल नाम का संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों का परिवार है। यहां हर सदस्य की आवाज मायने रखती है। जब हम एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तब ही हमारी ताकत बनती है। अकेला पत्रकार कमजोर हो सकता है, लेकिन संगठन से जुड़ा पत्रकार कभी अकेला नहीं होता। एकता का मतलब यह नहीं कि हम सब एक जैसी खबर लिखें, बल्कि इसका मतलब है कि जब किसी पत्रकार के साथ अन्याय हो, तो पूरा संगठन उसके साथ खड़ा हो। जैसे पहाड़ में एक पत्थर से कुछ नहीं होता, लेकिन कई पत्थर मिलकर मजबूत दीवार बन जाते हैं। यही संगठन की ताकत है। हिमाचल प्रदेश में पत्रकारों की भूमिका और भी अहम है। दूर-दराज के इलाकों में काम करने वाले पत्रकार बिना सुविधाओं के भी सच सामने लाते हैं। ऐसे पत्रकारों को सम्मान, सहयोग और संरक्षण मिलना चाहिए। संगठन का उद्देश्य यही है कि हर पत्रकार सुरक्षित महसूस करे और निर्भीक होकर अपनी कलम चला सके। मैं सभी पत्रकार साथियों से अपील करता हूं कि संगठन से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाएं। आपसी मतभेद से ऊपर उठकर पत्रकार हित को प्राथमिकता दें। जब हम साथ चलेंगे, तभी पत्रकारिता मजबूत होगी और समाज को सच्ची जानकारी मिलती रहेगी। पत्रकारिता जिंदा रहे, पत्रकार एकता मजबूत रहे।