सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से कांग्रेस का कार्यक्रम करवाना पंचायत प्रतिनिधियों के साथ धोखा: अभयवीर लवली

पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन के नाम पर भ्रामक सूचना देकर बुलाने का आरोप, विधायक सुरेश कुमार से पूछा—कांग्रेस के नाम पर कार्यक्रम करवाने का साहस क्यों नहीं दिखाया?

सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से कांग्रेस का कार्यक्रम करवाना पंचायत प्रतिनिधियों के साथ धोखा: अभयवीर लवली
भाजपा समीरपुर मंडल अध्यक्ष अभयवीर लवली ने भोरंज के कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार पर पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन के नाम पर सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और पंचायत प्रतिनिधियों को गुमराह कर कार्यक्रम में बुलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पूछा कि यदि कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी का था, तो उसे स्पष्ट रूप से पार्टी के नाम पर आयोजित करने के बजाय सरकारी कार्यक्रम होने की सूचना देकर प्रतिनिधियों को क्यों बुलाया गया? अभयवीर लवली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बैनर तले अपेक्षित भागीदारी नहीं मिलने की आशंका के चलते बीडीओ कार्यालय के माध्यम से पंचायत प्रधानों और बीडीसी सदस्यों को कार्यक्रम की सूचना दिलवाई गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पहुंचने के बाद कुछ पंचायत प्रतिनिधियों को इसकी वास्तविक प्रकृति का पता चला, जिससे उन्हें गुमराह किए जाने का एहसास हुआ। यदि उन्हें पहले ही आयोजक और कार्यक्रम के उद्देश्य की स्पष्ट जानकारी दी जाती, तो वे अपनी स्वतंत्र इच्छा से निर्णय ले सकते थे। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके समय, पद तथा राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए। सरकारी अधिकारियों और कार्यालयों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किए जाने का आरोप गंभीर है। प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रतिनिधियों को किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से आमंत्रित किया गया था। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों की पक्षधर है। पार्टी पहले भी पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह आयोजित कर उनके योगदान को महत्व दे चुकी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों में सहभागिता विश्वास और पारदर्शिता के आधार पर होनी चाहिए, न कि कथित भ्रामक सूचनाओं के सहारे। अभयवीर लवली ने विधायक सुरेश कुमार से सवाल किया कि यदि उन्हें अपने कार्यक्रम और कांग्रेस की लोकप्रियता पर भरोसा था, तो उसे पार्टी के नाम पर आयोजित करने में संकोच क्यों हुआ? उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले के तथ्यों की जांच करने तथा भविष्य में सरकारी तंत्र का राजनीतिक आयोजनों के लिए कथित दुरुपयोग रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सरकारी मशीनरी की निष्पक्षता और जनप्रतिनिधियों के सम्मान से समझौता स्वीकार्य नहीं है।