हमीरपुर, 29 जून
आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में हुए सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहर के रहने वाले लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह को 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' (AVSM) से सम्मानित किया, जिससे शहर में खुशी का माहौल है। लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह शहर की हीरा नगर कॉलोनी के रहने वाले हैं; वे लेफ्टिनेंट कर्नल किशन सिंह के बेटे और हवलदार ठाकुर मुंशी राम के पोते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह 1986 में नेशनल डिफेंस एकेडमी में शामिल हुए और 1989 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी से कमीशन प्राप्त किया, जिससे उन्होंने अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्हें आर्टिलरी रेजिमेंट, 11 फील्ड (ज़ोजिला) - जो अब एक मीडियम रेजिमेंट है - में कमीशन मिला और उन्होंने उसी यूनिट की कमान भी संभाली। अपने करियर के दौरान वे भारत और विदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे और उन्हें पहले भी तीन कमेंडेशन कार्ड (प्रशंसा पत्र) मिल चुके हैं।
उनके चाचा आरएस कंवर ने कहा कि रंजीत ने न केवल परिवार का, बल्कि जिले और राज्य का भी मान बढ़ाया है। रंजीत सिंह के भाई राजेंद्र कुमार ने कहा कि रंजीत ने सेना में सबसे ऊंचे ओहदों में से एक हासिल किया है और AVSM मिलना उनके लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। 'द ट्रिब्यून' से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत ने कहा कि वे अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं, जो हर संघर्ष और कड़ी मेहनत के समय उनके साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि हर किसी की सफलता में माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद हमेशा शामिल होता है। आज सम्मान समारोह के दौरान गणतंत्र मंडप में उनकी पत्नी योगिता और दोनों बेटियां भी मौजूद थीं।
रंजीत सिंह सेना में तीसरी पीढ़ी के अधिकारी हैं और परिवार में AVSM पाने वाले दूसरे सदस्य हैं। इससे पहले उनके चाचा कर्नल रामपाल सिंह को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. नीलम संजीव रेड्डी ने AVSM से सम्मानित किया था।