हिमाचल प्रदेश के निचले क्षेत्रों में फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई एचपीशिवा परियोजना के बहुत ही अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इन क्षेत्रों की खेती योग्य उपजाऊ भूमि ही नहीं बल्कि, वर्षों से बंजर पड़ी जमीन पर भी अब एचपीशिवा परियोजना के कारण मौसम्बी, अमरूद और अन्य फलों के बागीचे लहलहाने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह क्षेत्र धनेटा के गांव कुसियार में भी कई वर्षों से बंजर पड़ी लगभग 8 हैक्टेयर भूमि पर अब एचपीशिवा परियोजना की मदद से मौसम्बी का बागीचा तैयार हो चुका है। यहां लगाए गए लगभग साढे सात हजार पौधों में से लगभग 1100 पौधों से इस बार पहली फसल भी आ चुकी है। जबकि, अन्य छोटे पौधों में भी फसल के शुरुआती सैंपल आने शुरू हो गए हैं।
इस सीजन में पहली भरपूर फसल आने पर गांव के बागवान काफी गदगद हैं। उनके बागीचे की मौसम्बी अब स्थानीय बाजारों के अलावा पंजाब के लुधियाणा और जालंधर जैसे बडे़ शहरों तक भी पहुंचने लगी है।
कुसियार के प्रगतिशील बागवान मोहिंद्र कुमार ने बताया कि गांव में कई बीघे जमीन लंबे समय से खाली एवं बंजर पड़ी हुई थी। कई वर्षों से खेती न होने के कारण इस जमीन में झाड़ियों के अलावा कुछ भी नहीं था।
लेकिन, प्रदेश सरकार की एचपीशिवा परियोजना के अंतर्गत आने के बाद तो इस जमीन और इसके मालिकों की तो मानों तकदीर ही बदल गई। बागवानी विभाग के अधिकारियों ने गांववासियों को यहां एचपीशिवा परियोजना के तहत मौसम्बी का बागीचा लगवाने के लिए प्रेरित किया। सर्वप्रथम, विभाग ने इस जमीन से झाड़ियां हटवाने और इसे समतल करवाने की व्यवस्था करवाई। लगभग 8 हैक्टेयर भूमि पर गड्ढे बनाने से लेकर पौधारोपण तक का कार्य भी विभाग ने करवाया। देखते ही देखते इस गांव में मौसम्बी के पौधे लहलहाने लगे।
मोहिंद्र कुमार ने बताया कि उन्हांेने मौसम्बी के लगभग 1100 पौधे लगाए हैं। इनमें से कुछ पौधांे में पिछले सीजन में ही सैंपल आने शुरू हो गए थे और उन्होंने लगभग 30 क्विंटल मौसम्बी बेचकर लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित की थी। इस बार उन्हें लगभग 70 क्विंटल पैदावार की उम्मीद है। अभी तक वह लगभग 60 क्विंटल मौसम्बी का तुड़ान कर चुके हैं। इसे स्थानीय बाजारों के अलावा पंजाब के लुधियाणा, जालंधर और अन्य शहरों की मंडियों में भी भेजा जा रहा है। इससे उन्हें दो लाख रुपये से अधिक की आय की उम्मीद है। आने वाले समय में बागीचे के पूरी तरह तैयार होने पर आय में काफी बढ़ोतरी होगी। कुसियार के ही एक अन्य बागवान शक्ति चंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने भी पिछले साल ही मौसम्बी के 150 पौधे लगाए हैं।
परियोजना की सराहना करते हुए मोहिंद्र कुमार और शक्ति चंद शर्मा ने बताया कि गांव के बेरोजगार युवाओं के लिए यह परियोजना वरदान साबित हो सकती है। वे नौकरियों के लिए जहां-तहां भटकने के बजाय घर में ही अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि कुसियार में एचपीशिवा परियोजना के तहत 8 हैक्टेयर भूमि पर मौसम्बी के लगभग साढे सात हजार पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कई पौधों में फसल आनी शुरू हो गई है। विभाग के अधिकारी परियोजना के तहत विभिन्न सुविधाओं और पौधों की देखभाल के बारे में बागवानों का नियमित रूप से मार्गदर्शन कर रहे हैं। जल शक्ति विभाग की सिंचाई योजना के तैयार होने के बाद इस बागीचे के लिए ड्रिप सिंचाई सुविधा भी आरंभ कर दी गई है। यह परियोजना गांव कुसियार के बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करेगी।