पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर माँ भारती के वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए देश की रक्षा और सुरक्षा में भारतीय सेना के अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रीय एकता का अमर प्रतीक है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारतीय सेना ने समय-समय पर अपने अदम्य शौर्य और पराक्रम से विश्व के सामने वीरता के नए मानदंड स्थापित किए हैं। वर्ष 1999 में जब पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों ने कारगिल की दुर्गम चोटियों पर कब्ज़ा कर भारत की संप्रभुता को चुनौती दी, तब भारतीय सेना ने अद्वितीय साहस, रणनीतिक कौशल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त कर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कारगिल की विजय किसी सरकार या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की विजय थी। यह देश की अमूल्य विरासत, गौरव और स्वाभिमान का पर्व है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय सेना की वीरगाथाओं से परिचित कराना समय की आवश्यकता है, ताकि उनमें राष्ट्रभक्ति और सेवा का भाव निरंतर सुदृढ़ होता रहे।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों के वीर सैनिकों के साथ हिमाचल प्रदेश के जवानों ने भी कारगिल युद्ध में अद्वितीय साहस का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र विजेता स्वर्गीय कैप्टन विक्रम बत्रा और परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार के अद्वितीय पराक्रम ने न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि पूरे देश का गौरव विश्व पटल पर बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कैप्टन सौरभ कालिया तथा हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों की शहादत को राष्ट्र सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करेगा। उन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वीरभूमि हिमाचल के कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन सौरभ कालिया सहित कारगिल युद्ध के सभी वीर नायक आने वाली अनेक पीढ़ियों को राष्ट्ररक्षा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के साहस, शौर्य और स्वाभिमान का स्वर्णिम स्मृति दिवस है। भारतीय सेना देश का गौरव है और जब-जब राष्ट्र पर संकट आया है, हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की अखंडता और सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने स्मरण किया कि कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए तत्कालीन हिमाचल प्रदेश के प्रभारी नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल तथा ठाकुर गुलाब सिंह स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुँचकर सैनिकों का उत्साहवर्धन कर रहे थे।