भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश बजट 2026 को निराशाजनक और जनभावनाओं के विपरीत करार दिया।
उन्होंने कहा कि बजट में की गई भारी कटौती से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार के पास प्रदेश के समग्र विकास के लिए कोई ठोस दृष्टि नहीं है। इससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्य प्रभावित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस द्वारा 2022 में किए गए वादे आज भी अधूरे हैं। रोजगार देने, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और किसानों को बेहतर समर्थन देने जैसे मुद्दों पर सरकार केवल घोषणाएं करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम नजर नहीं आते।
उन्होंने कहा कि इस बजट में लगभग ₹3,586 करोड़ की कटौती प्रदेश के विकास पर सीधा प्रहार है। इस कमी के चलते बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकासात्मक योजनाएं प्रभावित होंगी।
राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा 2022 में दी गई गारंटियां आज भी अधूरी हैं। एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ, वहीं 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने की घोषणा भी 40 महीने बीत जाने के बाद अधूरी है। दूध खरीद से संबंधित वादे को भी घटाकर ₹100 लीटर से ₹60 लीटर तक सीमित करने की बात सामने आई है, जो किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि 5 लाख रोजगार सृजन का दावा भी केवल कागजों तक सीमित है और युवाओं को कोई वास्तविक अवसर नहीं मिल पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बजट में आंकड़ों का सहारा लेकर वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए इस बजट में कोई ठोस राहत या नई पहल नहीं दिखाई देती।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और बंद संस्थानों को दोबारा शुरू करने जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बजट का विरोध करती है और प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।