भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और जिला महामंत्री अजय शर्मा रिन्टू ने कांग्रेस पार्टी और परिवार से दरकिनार किए गए एक स्वयंभू कॉंग्रेस प्रवक्ता द्वारा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ की जा रही लगातार बयानबाजी पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा है कि ऐसे लोगों को अपनी हैसियत और राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के बाद ही सार्वजनिक टिप्पणियां करनी चाहिए।
भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि संबंधित व्यक्ति आए दिन सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा तथा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के विरुद्ध अनर्गल और आधारहीन टिप्पणियां कर रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि वह न तो कांग्रेस का अधिकृत प्रवक्ता है और न ही वर्तमान में पार्टी का सक्रिय सदस्य।
भाजपा नेताओं ने कहा कि जिस व्यक्ति को उसकी अपनी पार्टी ने दरकिनार कर दिया हो, उसे दूसरों पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले स्वयं के आचरण का आत्ममंथन करना चाहिए। आरोप है कि उक्त स्वयंभू कॉंग्रेस प्रवक्ता का सार्वजनिक जीवन लगातार विवादों और गंभीर आरोपों से घिरा रहा है तथा उसके विरुद्ध विभिन्न स्तरों पर प्रश्न उठते रहे हैं।
भाजपा ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उस व्यक्ति को जनता के समक्ष यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में कौन-कौन से मामले लंबित हैं, उसके निजी एवं सार्वजनिक जीवन को लेकर उठे विवादों की वास्तविकता क्या है तथा उसकी आय और गतिविधियों का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नैतिकता का दावा करने वाले व्यक्ति को सबसे पहले स्वयं इन प्रश्नों के उत्तर देने चाहिए।
भाजपा ने कहा कि समाज तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर राजनीति को स्वीकार करता है, न कि आधारहीन आरोपों और व्यक्तिगत कुंठा से प्रेरित बयानबाजी को। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी भाजपा नेतृत्व के विरुद्ध झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए तो संबंधित व्यक्ति के सार्वजनिक जीवन से जुड़े तथ्यों को भी क्रमबद्ध तरीके से जनता के सामने रखा जाएगा।
राकेश ठाकुर और अजय शर्मा रिन्टू ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत दुर्भावना और तथ्यहीन आरोपों के आधार पर की जा रही बयानबाजी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।