Shimla University (APG) का परिसर मंगलवार को सेवा, समर्पण और जागरूकता का अद्भुत संगम बन गया, जब “स्वस्थ रहो, स्वस्थ रखो, रक्तदान महादान” के नारों के बीच मेगा हेल्थ चेकअप शिविर और रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति समाज को प्रेरित करना भी था।
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मेसी एवं स्कूल ऑफ अलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस शिविर में हेल्थ चेकअप सेवाएं Atulaya Healthcare द्वारा प्रदान की गईं। वहीं रक्तदान शिविर का आयोजन स्कूल ऑफ अलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के सहयोग से किया गया, जिसका संचालन Kamla Nehru Hospital Shimla (केएनएच) की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। रक्तदान शिविर को सफल बनाने में Rotary Club Shimla ने प्रायोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा आसपास के क्षेत्रों से आए स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से स्वास्थ्य जांच कराते हुए लोगों ने अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 45 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। यह रक्त भविष्य में उन जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा, जिन्हें दुर्घटना, सर्जरी या थैलेसीमिया जैसी गंभीर स्थितियों में रक्त की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान न केवल एक सामाजिक दायित्व है, बल्कि यह मानवता की सबसे महान सेवा भी है। उन्होंने बताया कि रक्तदान से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है और व्यक्ति अधिक ऊर्जावान महसूस करता है। उन्होंने शिक्षित समाज से अपील की कि ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
हेल्थ चेकअप शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विभिन्न प्रकार की जांच जैसे ब्लड टेस्ट, बीपी, शुगर, और अन्य स्वास्थ्य परीक्षण किए। शिविर में आए मरीजों को उनकी रिपोर्ट के आधार पर उचित चिकित्सा परामर्श भी दिया गया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जहां उन्हें निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ सलाह प्राप्त होती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. रमेश चौहान, रजिस्ट्रार डॉ. आर.एल. शर्मा, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन अफज़ल खान, विश्वविद्यालय सलाहकार इंजीनियर सुमन, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आनंदमोहन शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य अधिकारी शामिल रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।
इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक स्कूल ऑफ फार्मेसी के विभागाध्यक्ष ललित कुमार रहे, जिनके कुशल नेतृत्व और समर्पण के कारण यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
यह आयोजन शिमला विश्वविद्यालय (APG) की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व दिया जाता है। “मानव सेवा परमो धर्म” के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है।
निस्संदेह, यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।