जिला मुख्यालय के स्कूलों का नहीं होगा विलय, अपनी पसंद के बोर्ड वाले स्कूल से पढ़ सकेंगे विद्यार्थी: आशीष
जिला मुख्यालय के स्कूलों का नहीं होगा विलय, अपनी पसंद के बोर्ड वाले स्कूल से पढ़ सकेंगे विद्यार्थी: आशीष
विधायक आशीष शर्मा ने विधानसभा में स्कूलों को विलय न करने का उठाया था मुद्दा, सरकार को ज्ञापन भी भेजे
स्कूलों के विलय की अधिसूचना रद्द करने के निर्णय का विधायक आशीष शर्मा ने किया स्वागत, कहा सरकार की देर से खुली आंख
हमीरपुर। विधायक आशीष शर्मा ने शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हमीरपुर के विलय पर विराम लगाकर इन दो स्कूलों को क्रमशः सीबीएसई और प्रदेश बोर्ड से सहशिक्षा करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि इस विषय को उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बीते बजट सत्र के दौरान भी सरकार के समक्ष रखा था और इस संबंध में उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी भेजा था। देर से ही सही लेकिन प्रदेश सरकार की आँख खुली और विद्यार्थियों के हित में दोनों स्कूलों के विलय को रद्द कर दोनों स्कूलों को दो बोर्डों से सहशिक्षा करने की अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थान हैं।
अब शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से और राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हमीरपुर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत संचालित होगा। अब विद्यार्थी अपनी पसंद के बोर्ड के तहत संचालित होने वाले स्कूल में दाखिला ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा पटल पर उन्होंने इन विद्यालयों को सहशिक्षा करने और एक स्कूल को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड तथा दूसरे को सीबीएसई से संचालित करने की मांग की थी। जिस पर अब सरकार के कानों पर जूं रेंगी और सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को इसके लिए बधाई दी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष शहरी श्रीपाल शर्मा ने कहा कि जिला मुख्यालय के इन स्कूलों में जिला सहित आसपास के क्षेत्रों से भी विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। अब उन्हें स्कूल व बोर्ड चुनने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधायक आशीष शर्मा के प्रयास रंग लाए हैं और सरकार ने गहरी नींद में लिए स्कूलों को विलय करने के निर्णय को खारिज कर अब दोनों स्कूलों को अलग अलग शिक्षा बोर्डों से संचालित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने विधायक आशीष शर्मा का सरकार के समक्ष इस मुद्दे को जोरों से रखने के लिए आभार व्यक्त किया है।