पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के चार में से तीन नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी की शानदार विजय पर प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम प्रदेश की विफल कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और पंचायती राज चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की राष्ट्रवादी व विकासवादी नीतियों में जनता की आस्था का जनादेश है। उन्होंने भाजपा के सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए इन चुनावों पूरे समर्पण के साथ कार्य करने वाले भाजपा हिमाचल के एक-एक कार्यकर्ता व प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को बधाई दी व उनका आभार प्रकट किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि नगर निगम और पंचायती राज चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों, प्रशासनिक अव्यवस्था, वित्तीय कुप्रबंधन और ठप्प पड़े विकास कार्यों के विरुद्ध मतदान किया है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 37 सीटों पर विजय प्राप्त की है, जबकि कांग्रेस मात्र 23 सीटों तक सिमट गई और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। यह परिणाम स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार से पूरी तरह निराश हो चुकी है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को आर्थिक संकट, प्रशासनिक अस्थिरता और विकासहीनता की ओर धकेला है। उन्होंने कहा कि स्वयं राज्य सरकार के बजटीय दस्तावेज दर्शाते हैं कि हिमाचल प्रदेश पर कुल ऋण एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुँच चुका है। विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में लगभग 35,555 करोड़ रुपये के नए ऋण लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का राजकोषीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये तथा राजस्व घाटा 6,390 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया था। वहीं संशोधित अनुमानों में राजकोषीय घाटा बढ़कर 16,708 करोड़ रुपये तथा राजस्व घाटा 9,812 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेतन भुगतान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सरकार के मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारीयों तक किसी के पास भी कोई संतोषजनक जवाब या भविस्य के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। विकास परियोजनाओं की गति धीमी पड़ी हुई है, कर्मचारियों, युवाओं, किसानों और व्यापारियों में व्यापक असंतोष है तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद न तो रोजगार के मोर्चे पर अपेक्षित परिणाम दिए और न ही विकास कार्यों में कोई उल्लेखनीय प्रगति दिखाई। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनता ने कांग्रेस के कुशासन को नकार दिया है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि नगर निगम एवं पंचायती राज चुनावों के नतीजे इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि हिमाचल प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है। यह जनादेश केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा प्रदेश में जनसमर्थन के बल पर 2027 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और हिमाचल को पुनः विकास, सुशासन और वित्तीय अनुशासन के मार्ग पर अग्रसर करेगी।