विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर मुंबई में हुई विचार-विमर्श बैठक में शामिल हुए अनुराग ठाकुर

एनईपी-2020 के विजन को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : अनुराग ठाकुर

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर मुंबई में हुई विचार-विमर्श बैठक में शामिल हुए अनुराग ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुंबई में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 की समीक्षा कर रही संयुक्त समिति की अध्ययन यात्रा के दौरान आयोजित महत्वपूर्ण विचार-विमर्श बैठकों में भाग लिया। इस दौरान समिति ने महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों, देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों तथा रेलवे क्षेत्र से जुड़े सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठकों में मुंबई विश्वविद्यालय, आईआईएम मुंबई, आईआईआईटी वडोदरा, वीएनआईटी नागपुर तथा एनआईटी गोवा सहित विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप, नवाचार आधारित तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उच्च शिक्षा ढांचा तैयार करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ निरंतर संवाद और परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं नवाचार को सशक्त बनाने, उच्च शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा शिक्षा, उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित विधेयक शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को और गति प्रदान करेगा, गुणवत्ता मानकों को मजबूत बनाएगा तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, विशेषज्ञों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों से प्राप्त सुझाव ज्ञान आधारित, नवाचार केंद्रित और वैश्विक स्तर पर सम्मानित उच्च शिक्षा तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।