भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर द्वारा सोमवार को हमीरपुर में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र राणा, जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री सहित जिला भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकार वार्ता की शुरुआत करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने पंचायत समिति, जिला परिषद तथा अन्य स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मिले व्यापक जनसमर्थन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से जनता संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भाजपा को मिली बड़ी सफलता जनता के स्पष्ट जनादेश को दर्शाती है।
इसके पश्चात मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर लंबे समय तक असमंजस की स्थिति में रही तथा विभिन्न कारणों का हवाला देकर चुनाव टालने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब जब चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं तो यह स्पष्ट हो गया है कि जनता ने कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन पर अपनी राय दे दी है।
राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में जिला परिषद की 19 सीटों में से कांग्रेस केवल एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी, जबकि शेष सीटों पर उसे निराशाजनक परिणामों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि जनता का भरोसा कांग्रेस से लगातार कम हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेशव्यापी दावों की बजाय पहले अपने विधानसभा क्षेत्र और गृह जिले में कांग्रेस समर्थित विजयी उम्मीदवारों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की चुनौती दी।
उन्होंने दावा किया कि पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भाजपा को प्राप्त समर्थन के आधार पर पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी अपना नेतृत्व स्थापित करेगी। राणा ने कहा कि चुनाव परिणामों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने पर पुनर्विचार करना चाहिए।
नगर निगम चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की चार नगर निगमों में से तीन पर भाजपा ने सफलता प्राप्त की है, जबकि कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। कर्मचारियों, महिलाओं और विभिन्न वर्गों से किए गए अनेक वादे आज भी अधूरे हैं, जिसके कारण जनता में असंतोष बढ़ा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि जनता के विश्वास का भी प्रतीक होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है और चुनाव परिणाम इसी असंतोष की अभिव्यक्ति हैं।
चुनावों के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले नेताओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर राणा ने कहा कि ऐसे सभी मामलों को पार्टी की अनुशासन समिति के समक्ष भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा भविष्य में किसी की पार्टी में वापसी से संबंधित अंतिम निर्णय भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।