डीएवी कॉलेज होशियारपुर के शताब्दी समारोह में शामिल हुए अनुराग सिंह ठाकुर, कहा- शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है डीएवी

डीएवी कॉलेज होशियारपुर के शताब्दी समारोह में शामिल हुए अनुराग सिंह ठाकुर, कहा- शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है डीएवी
सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज पंजाब के होशियारपुर स्थित डीएवी कॉलेज के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की सौ वर्ष की गौरवशाली यात्रा को देश के शैक्षिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि एक छोटे से छात्रावास से प्रारंभ हुई यह संस्था आज देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अपना विशिष्ट स्थान बना चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1926 से अब तक पांच पीढ़ियों के विद्यार्थी इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं। स्वयं को डीएवी परिवार का गौरवान्वित पूर्व छात्र बताते हुए, डीएवी कॉलेज जालंधर के पूर्व विद्यार्थी अनुराग ठाकुर ने कहा कि वह इस समारोह में एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ‘ओल्ड डीएवी बॉय’ के रूप में उपस्थित हुए हैं, जिसका जीवन डीएवी के शिक्षा, सेवा, संकल्प और संस्कार जैसे मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है। अनुराग ठाकुर ने डीएवी आंदोलन के महान प्रेरणास्रोत महात्मा हंसराज और पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि दोनों महान विभूतियों की कर्मभूमि और जड़ें होशियारपुर की धरती से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज द्वारा वर्ष 1886 में लाहौर में रोपा गया शिक्षा का पौधा आज देशभर में लगभग 950 शिक्षण संस्थानों के विशाल नेटवर्क का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि डीएवी होशियारपुर को विशेष गौरव प्राप्त है क्योंकि यह महात्मा हंसराज द्वारा स्थापित देश की दूसरी डीएवी संस्था रही है। उन्होंने कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व विधायक ओम प्रकाश बग्गा को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने 2 जून 1984 को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिसे सदैव स्मरण रखा जाएगा। अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने कहा कि वैदिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर आधारित डीएवी की शैक्षिक सोच तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना एक समान है। उन्होंने कहा कि दोनों का उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, व्यक्तित्व विकास और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव विकसित करे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पीएम-उषा के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विकास, 50,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन तथा भारतीय विश्वविद्यालयों के अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे प्रयासों को देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ये सभी पहलें उसी राष्ट्रवादी शैक्षिक दृष्टिकोण की निरंतरता हैं, जिसकी आधारशिला डीएवी आंदोलन ने 130 वर्ष पूर्व रखी थी। अनुराग ठाकुर ने बताया कि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक-2025 की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य के रूप में वह डीएवी होशियारपुर जैसे संस्थानों के विद्यार्थियों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को समिति के समक्ष रखने का प्रयास कर रहे हैं। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने विकसित भारत-2047 के लिए चार महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने युवाओं से रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनने का आह्वान किया। साथ ही तकनीक का उपयोग मानवता और समाज की सेवा के लिए करने, आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी संदेश "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत" का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीश पुरी जैसे प्रसिद्ध कलाकारों और अनेक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारियों ने इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। यह संस्थान केवल डिग्रियां नहीं देता, बल्कि जीवन को दिशा और प्रकाश प्रदान करता है। अपने संबोधन के समापन पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि महात्मा हंसराज ने वर्ष 1886 में एक दीप जलाया था और आज इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाला प्रत्येक विद्यार्थी उसी प्रकाश का वाहक है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं तथा डीएवी कॉलेज होशियारपुर को उसके गौरवशाली दूसरे शताब्दी वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं।