काला दिवस मनाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल की विभीषिका को किया याद

भोटा बाजार में निकाली रैली, बांटी जागरूकता सामग्री और मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर लगाई प्रदर्शनी

काला दिवस मनाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल की विभीषिका को किया याद
भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर एवं मंडल बड़सर द्वारा 25 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की स्मृति में काला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बड़सर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, मंडल पदाधिकारी, मोर्चों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर भोटा शहर में रैली निकाली तथा व्यापारियों एवं आम नागरिकों को आपातकाल की सच्चाई से अवगत कराने के लिए पत्रक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान भोटा बाजार में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के सुशासन, विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को बताया गया कि किस प्रकार देश ने पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अवसर पर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पूरे देश पर आपातकाल थोपकर संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक संस्थाओं का गला घोंट दिया था। लाखों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाने वाले नागरिकों को जेलों में बंद कर दिया गया। प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई, न्यायपालिका पर दबाव बनाया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास किया गया। लखनपाल ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले असंख्य देशभक्तों के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान जबरन नसबंदी अभियान, राजनीतिक प्रतिशोध, नागरिक अधिकारों का हनन और प्रशासनिक दमन जैसी घटनाओं ने यह सिद्ध कर दिया था कि कांग्रेस सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आपातकाल के बारे में जागरूक करना आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ ऐसा खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था बल्कि लोकतंत्र पर सुनियोजित हमला था। उन्होंने कहा कि देशभर में विपक्षी नेताओं को बिना किसी अपराध के गिरफ्तार किया गया, समाचार पत्रों पर ताले लगाए गए और सरकार की आलोचना करने वालों को प्रताड़ित किया गया। संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था और आम नागरिक भय के वातावरण में जीने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तथा जनसंघ से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल यातनाएं सहीं, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राकेश ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आपातकाल की स्मृति हमें लोकतंत्र की रक्षा के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में जिला एवं मंडल स्तर के अनेक पदाधिकारी, मोर्चों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।