कांग्रेस के झूठे आंकड़ों के मकड़जाल को प्रदेश की जनता ने ध्वस्त कर दिया है : राकेश ठाकुर

कांग्रेस के झूठे आंकड़ों के मकड़जाल को प्रदेश की जनता ने ध्वस्त कर दिया है : राकेश ठाकुर
भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पंचायती राज चुनावों के परिणामों को लेकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के झूठे आंकड़ों के मकड़जाल को प्रदेश की जनता ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चुनावी पराजय से इतने विचलित हो चुके हैं कि अब उन्हें अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए तथ्यहीन आंकड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। राकेश ठाकुर ने कहा कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष जिन पंचायतों में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, उतनी पंचायतों में तो भाजपा ने केवल बड़सर विधानसभा क्षेत्र में ही विजय प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र की 49 पंचायतों में भाजपा विचारधारा के 42 प्रधान तथा 41 उप-प्रधान विजयी हुए हैं, जबकि कांग्रेस विचारधारा के उम्मीदवार केवल 7 प्रधान और 5 उप-प्रधान पदों तक ही सीमित रह गए। इसके अतिरिक्त 3 उप-प्रधान तटस्थ विचारधारा के निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अंतिम चरण के चुनावों के आंकड़ों को भी अलग रख दिया जाए, तब भी हमीरपुर जिले की 81 पंचायतों के घोषित परिणाम कांग्रेस के दावों की वास्तविकता उजागर करने के लिए पर्याप्त हैं। इन परिणामों के अनुसार प्रधान पद पर भाजपा विचारधारा के 57 उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जबकि कांग्रेस विचारधारा के केवल 20 उम्मीदवार जीत दर्ज कर पाए हैं। वहीं 3 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं तथा एक प्रधान की राजनीतिक संबद्धता अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। राकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले में कांग्रेस की यह स्थिति स्वयं इस बात का प्रमाण है कि जनता राज्य सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और अब प्रदेश के नगर निगम चुनावों में भाजपा की शानदार जीत ने कांग्रेस नेतृत्व की बेचैनी को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को झूठे आंकड़े प्रस्तुत करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती यदि मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार और उनके मंत्रिमंडल ने प्रदेश की जनता के हित में प्रभावी कार्य किया होता। लेकिन साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में सरकार जनअपेक्षाओं पर खरी उतरने में पूरी तरह विफल रही है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी निकायों तक जनता ने कांग्रेस के विरुद्ध अपना स्पष्ट मत व्यक्त किया है। राकेश ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव परिणाम स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। कांग्रेस की यह शर्मनाक हार वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त कर रही है तथा आने वाले समय में कांग्रेस को जनता के और भी कड़े जनादेश का सामना करना पड़ेगा।