नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय, हमीरपुर में एनसीओआरडी (National Coordination Committee for Drug Abuse Control) पहल के अंतर्गत नशा मुक्ति के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार श्री नरेश ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मुख्य अतिथि नरेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज और विशेषकर युवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए अत्यंत गर्व और सौभाग्य का विषय है कि जिस संस्थान का मैं कभी विद्यार्थी रहा हूं, आज उसी प्रतिष्ठित संस्थान में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ है।" उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और समाज में नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने और नशे से दूर रहने का संदेश देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की विभिन्न टीमों सहित कुल 20 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान फिजिकल एजुकेशन विभाग की टीम, द्वितीय स्थान बी.कॉम.द्वितीय वर्ष तथा तृतीय स्थान बी.कॉम. तृतीय वर्ष की टीम ने प्राप्त किया। महाविद्यालय प्रशासन ने विजेता एवं सभी प्रतिभागी टीमों को बधाई दी।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, बी.ए., बी.कॉम., बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. के विद्यार्थियों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस एवं आर एंड आर के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उपस्थित सभी सदस्यों ने नशा मुक्ति की शपथ लेते हुए नशे से स्वयं दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना था।