लोकहित के मुद्दों से भाग रही कांग्रेस, संसद का समय नारेबाज़ी और व्यवधान में कर रही बर्बाद: अनुराग सिंह ठाकुर

कहा: राहुल गांधी स्वयं सदन में नहीं आते, लेकिन संसद न चलने देने के हरसंभव प्रयास करते हैं; एंटी-पेपर लीक विधेयक पर कांग्रेस ने 12 शब्द भी नहीं बोले

लोकहित के मुद्दों से भाग रही कांग्रेस, संसद का समय नारेबाज़ी और व्यवधान में कर रही बर्बाद: अनुराग सिंह ठाकुर
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद की कार्यवाही में लगातार हो रहे व्यवधान पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संसद के महत्वपूर्ण समय का उपयोग जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय अपनी ओछी राजनीति के लिए कर रहे हैं। उनका उद्देश्य देशहित के विषयों पर विमर्श करना नहीं, बल्कि संसद की कार्यवाही को बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करना है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि संसद सत्र का यह तीसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी सदन में तीन बार भी दिखाई नहीं दिए। वे स्वयं लोकसभा में उपस्थित नहीं होते, जबकि दूसरी ओर सदन न चल पाए इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जुड़े एंटी-पेपर लीक विधेयक पर लगभग 12 घंटे तक विस्तृत चर्चा करवाई, तब कांग्रेस की ओर से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर 12 शब्द भी नहीं बोले गए। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस युवाओं के हितों के प्रति कितनी उदासीन है और उसकी राजनीति केवल विरोध के लिए विरोध करने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी तथा कुछ अन्य विपक्षी दल लगातार सदन की कार्यवाही में बाधा डालते हैं, वेल में आकर नारेबाज़ी करते हैं और फिर वॉकआउट कर देते हैं। यदि उनका उद्देश्य केवल नारे लगाना है तो यह काम संसद के बाहर भी किया जा सकता है, लेकिन संसद देश के करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं और समस्याओं पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है। ऐसे में व्यवधान उत्पन्न करना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ अन्याय है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से चुने गए अनेक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में नहीं उठा पा रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रवैया यह दर्शाता है कि वे न तो रचनात्मक चर्चा चाहते हैं और न ही संसद को सुचारु रूप से चलने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को देख रही है और लोकतंत्र को बाधित करने वालों को समय आने पर उचित जवाब देगी।