दिल्ली में पढ़ रहे हिमाचल के छात्रों के सपने बड़े हों, छोटे पहाड़ों से निकलकर दुनिया में पहचान बनाएं: अनुराग सिंह ठाकुर

हिमाचल का युवा आकांक्षी हिमाचल की सबसे बड़ी ताकत - अनुराग सिंह ठाकुर कहा: देशभक्ति और हिमाचली टोपी देवभूमि की पहचान, अपनी जड़ों से जुड़े रहकर विकसित भारत और विकसित हिमाचल में योगदान दें युवा

दिल्ली में पढ़ रहे हिमाचल के छात्रों के सपने बड़े हों, छोटे पहाड़ों से निकलकर दुनिया में पहचान बनाएं: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज में दिल्ली हिमाचल स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित "रौनकें 3.0" कार्यक्रम में हिमाचल के छात्रों से संवाद किया। उन्होंने दिल्ली में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हिमाचली युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए विकसित भारत और विकसित हिमाचल के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल भौगोलिक रूप से छोटा राज्य जरूर है, लेकिन उसकी पहचान और योगदान बहुत बड़ा है। इस देवभूमि ने देश को सैनिक, खिलाड़ी, शिक्षक, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं तथा राजनीति से लेकर सामाजिक जीवन तक हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हिमाचल की मौजूदगी नई नहीं है। वर्षों से हिमाचल के युवा दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपने करियर को नई दिशा देने के लिए आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहने वाला हिमाचली युवा केवल अपने व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रहे, बल्कि जहां भी रहे, वहां हिमाचल की पहचान को मजबूत करने और प्रदेश के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में भी कार्य करे। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि छोटे पहाड़ों से निकलने वाले युवाओं के सपने विशाल होने चाहिए। हिमाचल का युवा अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर देश-दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि दिल में देशभक्ति और माथे पर हिमाचली टोपी, यही देवभूमि हिमाचल की पहचान है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता हिमाचल से होकर भी आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए गांवों का विकास, युवाओं के लिए नए अवसर, किसानों और बागवानों की मजबूती तथा पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और यह देश की सबसे बड़ी ताकत है, जिसमें हिमाचल का युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल को केवल पर्यटन और सरकारी नौकरियों तक सीमित रखने की सोच से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ऐसा नया हिमाचल बनाना है जहां शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, खेल, पर्यटन, कृषि, नवाचार और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में नए अवसर पैदा हों। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल प्रतिभा को सही दिशा, सही मंच और सही अवसर देने की है। इसी कारण उनका मानना है कि आकांक्षी हिमाचल का सबसे बड़ा आधार हिमाचल का युवा है।