पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संसदीय स्थायी समिति, कोयला, खान एवं इस्पात ने रविवार को मुन्नार में अपने अध्ययन दौरे की शुरुआत करते हुए देश के कोयला क्षेत्र की कार्यप्रणाली, परिचालन दक्षता और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की।
अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में समिति ने केंद्रीय कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी प्रमुख सहायक कंपनियों ईसीएल, एनसीएल और डब्ल्यूसीएल के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में उसकी भूमिका की गहन समीक्षा की गई।
समिति के समक्ष भारत के कोयला क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में समिति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोयला क्षेत्र की परिचालन क्षमता और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को लगातार बेहतर बनाया जाना आवश्यक है।
अध्ययन दौरे के दौरान समिति ने कोयला गैसीकरण योजना पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बैठक में कोयला मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एमसीएल, एसईसीएल और सीसीएल के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। समिति ने कोयला गैसीकरण से जुड़ी रणनीतियों, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और स्वच्छ एवं आधुनिक कोयला प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार किया।
अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में समिति की चर्चाओं में इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया कि आधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से देश के कोयला संसाधनों का अधिक जिम्मेदार, प्रभावी और टिकाऊ उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है।
समिति ने माना कि भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए कोयला क्षेत्र का आधुनिकीकरण, स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना और कोयला गैसीकरण जैसी नवीन पहलों का प्रभावी क्रियान्वयन देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
मुन्नार में समिति का यह अध्ययन दौरा देश के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों की समीक्षा, संसदीय निगरानी को मजबूत करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य के लिए और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।